ब्रजबाला-3. शक्ति स्वरूपिणी राधा
ब्रजबाला भाग तीन शक्ति स्वरूपिणी राधा मे श्री राधा जी की अद्भुत शक्ति और श्री कृष्ण जी के प्रति उनका अनन्य प्रेम व्यक्त किया है जब श्री राधा जी को ( द्वित्तीय भाग-व्याकुल मन ) पता चलता है कि श्री कृष्ण जी माता यशोदा के पुत्र नही है ,वो मथुरा जाने वाले हैं और वहां पर कंस श्री कृष्ण संग युद्ध करने वाला है तो वह अत्यंत क्रोधित हो उठती है इस भाग मे उसी का वर्णन है शक्ति स्वरूपिणी राधा सुनो ब्रह्मा विष्णु औ महेश गंधर्व मुनि किन्नर औ शेष हे गौरी चन्डी काली शक्ति, की मैंने जो जीवन में भक्ति उस बल पर मैं पुकारती हूँ रिपु कंस को मैं ललकारती हूँ कान्हा से प्रेम किया है तो जीवन भर उसे निभाऊँगी प्रण करती हूँ यह कंस को मैं मारूँगी या मार जाऊँगी कान्हा जो नहीं रह पाएगा सृष्टि में न कोई बच पाएगा मैं भयंकर प्रलय मचा दूँगी दुनिया को कर स्वाह दूँगी राधा ने ये जो शब्द बोले शिवजी ने तीन नेत्र खोले सृष्टि में हाहाकार हुआ भयभीत सारा संसार हुआ तूफान उठे बिजली कड़की जलधारा उल्टी बह निकली त्रिलोक में हुआ कंपन भयभीत हुए सब देवतगन शिवजी से करने लगे पुकार सृष्टि का कहीं न हो संहार हे ब्रह्म पिता सृष्टि पालक रक्षा...